बाघ ही नहीं इन दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों से भी बढ़ रही सरिस्का की ख्याति, संरक्षण पर काम कर रहा प्रशासन
अलवर : सरिस्का टाइगर रिजर्व में न केवल बाघ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं, बल्कि यहां पाई जानी वाली विभिन्न प्रजातियों की चिड़िया, दुलर्भ प्रजाति के गिद्ध समेत प्रमुख प्रजातियों के ईगल भी शामिल हैं. सरिस्का में पिछले दिनों एक सर्वेक्षण में इन रैप्टर एवं ईगल को लेकर सुखद परिणाम मिले हैं. सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रास्का, गर्वाजी, टहला एवं तालवृक्ष क्षेत्र में रैप्टर दिखने के साथ ही इनके घोंसले भी मिले हैं.
सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का में वन विभाग ने विश्व वन्यजीव कोष डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सहयोग से 26 फरवरी से 2 मार्च तक सर्वे किया. इस सर्वे का उद्देश्य सरिस्का में रैप्टर की विविधता और आवास का आंकलन करना था. इस सर्वे में ऐसे गिद्ध भी दिखाई दिए, जिसे विश्व स्तर पर दुलर्भ माना जा रहा है. सर्वे के दौरान सरिस्का में शिकारी चिड़िया सरिस्का, टहला, अकबरपुर, तालवृक्ष एवं बफर रेंज में दिखाई दी. सर्वे के दौरान रेड हेडेड वल्चर, इंडियन वल्चर, इजिप्टीयन वल्चर विशेष रूप से देखे गए. वहीं, प्रमुख ईगल प्रजाति शॉर्ट टॉड सेक ईगल देखे गए हैं. वहीं, रैप्टर्स में रॉक ईगल उल्लू, इंडियन स्कोप्स उल्लू, यूरेशियन केस्टेल, व्हाइट आइड बजर्ड, यूरेशियन स्पैरोहॉक और वेस्टर्न मार्श हैरियर भी दिखाई दिए.
हैबिटेट मजबूत होना जरूरी : सीसीएफ कटियार ने बताया कि सरिस्का में गिद्धों का दिखना अच्छा संकेत है. सरिस्का में यदि हैबिटेट मजबूत होता है तो दुलर्भ प्रजातियों के पक्षी उल्लू, ईगल या रैप्टर को रहने और खाने के लिए अच्छी जगह मिलती है, जैसे-जैसे जंगल की बायोडायवर्सिटी ज्यादा होती है, इन पक्षियों को विभिन्न प्रकार के आहार आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. कई बार इनके मुख्य भोजन के बारे में पता नहीं होता है, यदि जंगल की खाद्य श्रृंखला और रहवास को ठीक कर दें तो इन्हें खाने व रहने के लिए अच्छा वातावरण मिल जाता है.
सरिस्का 200 से ज्यादा प्रजातियों के आवास स्थल : सरिस्का में करीब 272 प्रजातियों के पक्षियों के आवास स्थल हैं. सर्दी में हिमालय, दक्षिण अफ्रीका, मंगोलिया के करीब 57 प्रजातियों के पक्षी यहां आते हैं. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सरिस्का में 32 शिकारी पक्षियों रैप्टर की प्रजातियां पाई जाती हैं. बाघों के चलते सरिस्का टाइगर रिजर्व दुनिया में खास स्थान रखता है. यहां दुनियाभर के देशों से पर्यटक बाघों का दीदार करने आते हैं. बाघों के साथ ही पर्यटकों को यहां पैंथर, हाइना, सांभर, चीतल, दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध, विभिन्न प्रजातियों के रैप्टर, उल्लू, मगरमच्छ आदि भी बहुतायत में दिखाई देते हैं. यही कारण है कि सरिस्का की ख्याति लगातार बढ़ रही है.