नई दिल्ली/जयपुर: कांग्रेस की ओर से जमीनी हालात का फीडबैक को लेकर जारी कवायद के बीच गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे देश भर के जिलाध्यक्षों से रूबरू हुए. इस संवाद के दौरान राजस्थान के एकमात्र जिलाध्यक्ष को बोलने का मौका मिला. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से रूबरू होते हुए भीलवाड़ा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष में पार्टी के बड़े नेताओं के सामने राजस्थान के हालात को लेकर जो कुछ कहा, उसकी चर्चा अब तक अंदरखाने में ही होती रही है.

मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के सामने भीलवाड़ा से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि काम करने वालों को टिकट नहीं मिलता है. नेताओं की चाटुकारिता करने वालों को टिकट दिया जाता है. जिस समय त्रिपाठी यह सब बोल रहे थे, उस वक्त वहां प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद थे.

राजस्थान से अकेले त्रिपाठी को मिला बोलने का मौका : दरअसल, पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने राजस्थान सहित सात राज्यों के जिलाध्यक्षों को सीधे संवाद के लिए बुलाया था, लेकिन राजस्थान से केवल भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी को ही बोलने का मौका मिला. त्रिपाठी ने कहा कि जिलाध्यक्ष अपनी मर्जी से न तो अपने कार्यकारिणी बना सकते हैं और न ही ब्लॉक अध्यक्ष बना सकते हैं. जिला कार्यकारिणी में भी नेताओं की सिफारिश के आधार पर लोगों को पद दिए जाते हैं.

कांग्रेस के नेताओं में घमंड भरा हुआ है : त्रिपाठी ने राहुल के समक्ष कहा कि आप लोगों में भाइचारा और मोहब्बत पैदा करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकालते हैं और कांग्रेस के नेताओं में घमंड भरा हुआ है. मैं एक बड़े नेता को फोन करता हूं तो वो फोन नहीं उठाते हैं. कहा जाता है बिजी हैं. अब तो सरकार भी नहीं है तो फिर कहां पर बिजी हैं. उन्होंने कहा कि नेताओं की अलग-अलग व्यक्तिगत टीमें बनी हुई हैं. उससे भी कांग्रेस कमजोर हो रही है. टीम केवल कांग्रेस पार्टी की होनी चाहिए, किसी नेता की व्यक्तिगत नहीं.

कोऑपरेटिव चुनाव में भी ऊपर से नाम आते हैं : त्रिपाठी ने खड़गे और राहुल के समक्ष कहा कि कोऑपरेटिव के चुनाव होते हैं तो उसमें भी जिला अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं होती है. ऊपर से ही नाम तय होकर आते हैं कि किसको चुनाव लड़ाना है.

राहुल ने पूछा- लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिलाध्यक्षों की क्या भूमिका रही ? : वहीं, राहुल गांधी ने त्रिपाठी से पूछा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिलाध्यक्षों की क्या भूमिका रही तो इस पर त्रिपाठी ने कहा कि कोई भूमिका नहीं रही. केवल चार-पांच लोग ही नाम तय करके भेज देते हैं. जिस पर राहुल गांधी ने कहा कि हम जिलाध्यक्षों को पावर देंगे, लेकिन जिलाध्यक्षों को भी पार्टी की रीति-नीति और जो निर्देश मिलते हैं, उन्हें ग्रास रूट तक लागू करने की जिम्मेदारी निभानी होगी.

खड़गे बोले- हमारी जवानी चूस कर भाग गए नेता : जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिलाध्यक्षों की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस जब संकट के दौर से गुजर रही थी, तब भी कांग्रेस के एक भी जिलाध्यक्ष ने पाला नहीं बदला और पार्टी के साथ खड़े रहे. लेकिन जिन लोगों को मंत्री बनाया, सांसद बनाया, बोर्ड-निगम का अध्यक्ष बनाया, वो लोग हमारी जवानी चूस कर भाग गए. ऐसे लोगों से सचेत रहने की जरूरत है.

जो बैठक में नहीं आए उन पर कार्रवाई करेंगे : राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातार दिल्ली पहुंच रही हैं कि कई नेता, जिला अध्यक्ष कांग्रेस की बैठकों में नहीं आते हैं. ऐसे लोगों को हम कहना चाहते हैं कि वह संगठन में अपनी भूमिका निभाएं. अगर वे बैठकों नहीं आएंगे तो ऐसे लोगों के नाम हमें भेजें, हम उन पर कार्रवाई करेंगे. गौरतलब है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब 40 साल के बाद जिलाध्यक्षों को दिल्ली बुलाकर उनसे संवाद किया है.