कांग्रेस की शुक्रवार को बड़ी बैठक हुई. इसमें विभिन्न राज्यों के कांग्रेस जिलाध्यक्ष शामिल हुए. जिलाध्यक्षों की ये तीसरी बैठक थी. इसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के खिलाफ पार्टी के मिशन को मजबूत करने का नेताओं को मंत्र दिया. उन्होंने जिलाध्यक्षों को बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने किस तरह देश को मजबूत करने के लिए जंग लड़ी. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र किया. उस मुहिम को और मजबूत करने की बात कही. बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला भी बोला. 

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, मैं 6 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर व लद्दाख) से आए सभी जिलाअध्यक्षों का इंदिरा भवन में स्वागत करता हूं. आगे अपनी बात कहूं इससे पहले आपको बताना चाहूंगा कि आज संसद का बजट सत्र समाप्त हुआ. आप सभी ने देखा होगा कि कैसे इस सरकार की प्राथमिकता जनता के भलाई के मुद्दे नहीं नहीं, देश की तरक्की के मुद्दे नहीं है बल्कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण है.

अंधेरे में मणिपुर पर बहस कराती है ये सरकार

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, सरकार रात के 4 बजे तक संसद महंगाई, बेरोजगारी, अमरीका के टैरिफ के खिलाफ बहस करने के लिए नहीं चलाती है. रात के अंधेरे में मणिपुर पर बहस कराती है ताकि चुपके से वैधानिक काम हो सके. क्या मणिपुर पर बहस सिर्फ एक घंटे होनी चाहिए थी? DCC की यह हमारी तीसरी और आखिरी मीटिंग है. इससे पहले हम 22 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेश के जिला कांग्रेस अध्यक्षों से मिल चुके हैं.

उन्होंने कहा, हमें बीजेपी-आरएसएस की जन विरोधी और संविधान विरोधी सोच के खिलाफ लगातार लड़ना होगा. हम लड़ रहे हैं, संसद के अंदर और बाहर भी. हमें जनता के मुद्दों को उठाना होगा. राहुल गांधी ने पिछले लोकसभा चुनाव के पहले भारत जोड़ो यात्रा से एक मुहिम खड़ी कर दी थी. हमें उस मुहिम को और शक्ति देना है, जारी रखना है. उनकी संविधान बचाओ मुहिम ने बीजेपी को बहुमत से रोक दिया.

कांग्रेस लोगों के लिए सभी हितों का बलिदान करेगी

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, साथियों, ये साल महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी है. बेलगावी में अधिवेशन में हमने 2024-25 को ‘संगठन सशक्तिकरण’ वर्ष मनाने का फैसला किया था. गांधी जी ने 1931 में लंदन में गोलमेज सम्मेलन में कहा था कि कांग्रेस कोटि-कोटि भूखे नंगे मूक प्राणियों का प्रतिनिधित्व करती है. उनकी प्रतिनिधि है जो हमारे लंबे चौड़े देश में दूर दराज के गांवों में रहते हैं. कांग्रेस की राय में जिन किन्हीं की रक्षा करनी चाहिए, उन सबको इन करोड़ों लोगों के हितों के नीचे रखना होगा. कांग्रेस इन कोटि-कोटि भूखे-नंगों के वास्ते अन्य सब हितों का बलिदान कर देगी.

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, गांधी जी ने ये बात दरअसल गांव, देहात, कमजोर तबकों, बेजुबान लोगों के लिए कही थी, जिनकी आवाज कांग्रेस बनी. मौजूदा सरकार गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़ों के अधिकारों के खिलाफ है. इसलिए हमें ज़्यादा मजबूती से लड़ने की आवश्यकता है. आज बढ़ती सांप्रदायिकता और नफरत सबसे बड़ी चुनौती है. इससे हमें वैसे ही लड़ना है जैसे 1947-48 में कांग्रेस लड़ी थी.

कांग्रेस पूरे देश और सभी संप्रदायों की सेविका है

उन्होंने कहा, गांधी जी के जीवन के आखिरी दिनों में 15 से 17 नवंबर 1947 को हुई AICC की बैठक में सांप्रदायिक संस्थाओं के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ था. उस बैठक में गांधी जी ने कहा था कि कांग्रेस पूरे देश और सभी संप्रदायों की सेविका है. सांप्रदायिक संस्थाओं और उनके विषैले सिद्धांतों का उचित उत्तर यह होगा कि कांग्रेस प्रबल जनमत तैयार करे, जिससे वे प्रभावहीन हो जाएं.

खरगे ने कहा, आज वही स्थिति है. हमारी सबसे बड़ी जंग सांप्रदायिक शक्तियों से हैं, जो समाज के भीतर जहर फैलाने में लगी हैं. सत्ता के लालच में एक ही धर्म के लोगों के बीच भी खाई खोदी जा रही है, भाई से भाई को लड़ाने में लगी है. हमारे पास राष्ट्रपिता महत्मा गांधी जी और हमारे महान नायकों का बताया रास्ता है. हमें भरोसा है कि आप सब हमारे संदेश को आगे लेकर जाएंगे. उसे जन-जन तक पहुंचाएंगे. संगठन निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाएंगे. कांग्रेस को और मजबूत बनाने का काम करेंगे. इन्हीं शुभकामनाओं के साथ आप सभी का धन्यवाद! जय कांग्रेस, जय हिंद.