चित्तौड़गढ़:एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बीते एक साल से चकमा देकर फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अफीम तस्कर को चित्तौड़गढ़ में घेराबंदी कर धर दबोचा। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर का निवासी है, जिसके खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के विभिन्न थानों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट समेत कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब व्यवसाय में भारी घाटा होने के बाद आरोपी ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की दुनिया में कदम रखा था और देखते ही देखते तीन राज्यों के तस्कर सिंडिकेट में मुख्य भूमिका निभाने लगा। गुप्त सूचना के आधार पर टास्क फोर्स की टीम ने फिल्मी स्टाइल में पीछा कर चित्तौड़गढ़-निंबाहेड़ा मार्ग पर ओछड़ी टोल प्लाजा के समीप घेराबंदी करते हुए उसे दबोच लिया।

विवाह समारोह से लौटते समय घेराबंदी कर थार सवार तस्कर को पुलिस ने पकड़ा

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना प्राप्त हुई थी कि मंदसौर का रहने वाला सुखलाल पुत्र पोखरलाल आंजना काले रंग की थार गाड़ी में सवार होकर भीलवाड़ा जिले में एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने आया है और वापसी में चित्तौड़गढ़ के रास्ते अपने गांव लौटेगा। सटीक इनपुट मिलते ही पुलिस बल ने सादे कपड़ों में चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा मार्ग पर रणनीतिक निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही थार गाड़ी वहां से गुजरी, पुलिस की विशेष टीम ने उसका पीछा करना शुरू किया। पीछा होने का आभास होते ही आरोपी ने अपना रास्ता बदलकर उदयपुर और फिर कोटा मार्ग की ओर भागने का प्रयास किया, किंतु पहले से तैनात दूसरी टीम ने ओछड़ी टोल प्लाजा के पास नाकेबंदी कर उसे चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया।

खेती में नुकसान और कर्ज के बोझ ने बनाया अवैध नशीले पदार्थों का सौदागर

पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि पकड़ा गया आरोपी सुखलाल, मल्याबेर खेड़ा, थाना नाहरगढ़ (मंदसौर) का निवासी है। शुरुआती पढ़ाई के बाद उसने कृषि कार्य शुरू किया था, परंतु अपेक्षित मुनाफा न मिलने और शराब के कारोबार में भारी वित्तीय घाटा होने से उस पर कर्ज का बोझ बढ़ गया। जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने के लालच में उसने अपराध का रास्ता चुना। आरोपी के पिता के पास वैध अफीम खेती का लाइसेंस था, जिसका अनुचित लाभ उठाते हुए उसने न केवल अपने खेत बल्कि आसपास के अन्य कृषकों से भी अवैध तरीके से अफीम एकत्र कर राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के तस्करों को ऊंचे दामों पर बेचना शुरू कर दिया।

व्हाट्सएप कॉलिंग, कुरियर सेवा और बार-बार वाहन बदलकर चलाता था नेटवर्क

तस्करी के तौर-तरीकों की पड़ताल में पता चला कि आरोपी अत्यंत शातिर किस्म का अपराधी है, जो पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने संपर्क साधन बदलता रहता था। वह नशीले पदार्थों की आपूर्ति के लिए कई बार निजी बसों और कुरियर सेवाओं का प्रयोग करता था, जबकि खुद भी मौका देखकर गाड़ियों से माल की आपूर्ति करता था। लोकेशन ट्रैक होने से बचने के लिए वह साधारण फोन कॉल के बजाय केवल व्हाट्सएप कॉल से संपर्क साधता था। आरोपी खुद को केवल डिलीवरी और पैसों के लेनदेन तक सीमित रखता था ताकि पूरे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के नामों का खुलासा न हो सके।

तीन राज्यों में कई मुकदमे दर्ज, विशेष अभियान के तहत हत्थे चढ़ा 11वां तस्कर

आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि सुखलाल के विरुद्ध राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी और गुजरात के गांधीनगर में एनडीपीएस कानून के तहत मामले लंबित हैं, जबकि वर्ष 2026 में मध्य प्रदेश के नाहरगढ़ थाने में उसके खिलाफ जानलेवा हमला और मारपीट का मामला भी दर्ज किया गया था। मध्य प्रदेश अफीम तस्करी का एक बड़ा केंद्र रहा है, जिसके चलते एएनटीएफ की टीम वहां के अंतरराज्यीय गिरोहों पर तकनीक आधारित निगरानी रख रही है। चलाए जा रहे इस विशेष धरपकड़ अभियान के अंतर्गत सुखलाल मध्य प्रदेश से पकड़ा गया 11वां प्रमुख तस्कर है, जिससे पूछताछ के बाद अंतरराज्यीय नेटवर्क के अन्य बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।