नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जारी उग्र विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। आंदोलन के कारण कानून-व्यवस्था पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस महकमे ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिल्ली में अगले आदेश तक सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की नियमित छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी

दिल्ली पुलिस मुख्यालय द्वारा मौजूदा सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के बाद एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा आदेश जारी किया गया है। जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित छुट्टियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के मद्देनजर शहर के संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

सभी श्रेणी के अधिकारियों पर लागू होंगी सख्त पाबंदियां

पुलिस मुख्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आकस्मिक (कैजुअल) और अर्जित (अर्न्ड) अवकाश सहित सभी प्रकार की नियमित छुट्टियां स्थगित रहेंगी। यह प्रतिबंध केवल निचले स्तर के जवानों पर ही नहीं, बल्कि राजपत्रित अधिकारियों सहित पूरे पुलिस तंत्र पर समान रूप से लागू होगा। आदेश में साफ किया गया है कि विशेष और वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में ही छुट्टियां दी जा सकेंगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा गहन सत्यापन और स्वीकृति अनिवार्य होगी।

ट्रेनिंग कोर्स पर रोक और जिला उपायुक्तों को सख्त निर्देश

छुट्टियों पर रोक के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। अगले आदेश तक कोई भी पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी ट्रेनिंग कोर्स या प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेगा। राजधानी के सभी जिला पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को इस आदेश का अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ाई से पालन कराने और सुरक्षा व्यवस्था को चौकस रखने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली पुलिस आयुक्त की मंजूरी से लागू हुए नए नियम

यह संपूर्ण दिशा-निर्देश और सख्त आदेश दिल्ली पुलिस आयुक्त की विशेष मंजूरी के बाद आधिकारिक तौर पर जारी किए गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा सर्वोपरि है। जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन जब तक नियंत्रण में नहीं आ जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक पुलिस बल की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।