200 साल पुरानी हवेलियों की कहानी: दीवारों के पीछे छिपे खजाने का सच
जयपुर: गुलाबी नगरी की सदियों पुरानी इमारतों में छिपे रहस्यमयी खजाने की चर्चाओं ने इन दिनों पूरे शहर में हलचल पैदा कर दी है। माणक चौक इलाके में स्थित दो ऐतिहासिक हवेलियों की खुदाई के दौरान सोने-चांदी के सिक्कों और पुरानी तिजोरियों के मिलने के दावों के बाद यह मामला पुलिस जांच तक पहुंच गया है।
खुदाई में निकला करोड़ों का खजाना और ठेकेदार पर लगा गबन का आरोप
पहला मामला त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर के रास्ते से सामने आया है, जहां एक पुरानी हवेली को तोड़कर नया निर्माण कराया जा रहा था। दर्ज शिकायत के अनुसार, खुदाई के दौरान करीब 45 किलो चांदी, सोने के सिक्कों से भरे 15 कलश और 10 हजार चांदी के सिक्के बरामद हुए थे। आरोप है कि ठेकेदार और मजदूरों ने इस बात को छिपाकर पूरा सामान आपस में बांट लिया। महीनों बाद मजदूरों के बीच हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद के बाद इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ।
दूसरी हवेली से गायब हुई रहस्यमयी तिजोरी और पुरानी कहानियां
इसी क्षेत्र की 'बंबई वालों की हवेली' में भी उसी ठेकेदार द्वारा कराई जा रही खुदाई के दौरान दो तिजोरियां मिलने की बात सामने आई है। पूर्व मालिकों के अनुसार, बड़ी तिजोरी तो खाली निकली, लेकिन छोटी तिजोरी को ठेकेदार और जेसीबी चालक चुपचाप वाहन पर लादकर ले गए। हवेली के पुराने परिवार का कहना है कि उनके पूर्वज हमेशा से यहां गुप्त तहखानों में खजाना होने की बात कहते थे, जिससे इस रहस्य को और हवा मिल रही है।
नए मालिक का दावा और पुलिस का रुख
वहीं दूसरी ओर, हवेली के नए मालिक ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि तिजोरी को सभी के सामने खोला गया था और उसमें केवल कचरा व मलबा ही मिला था। उनका दावा है कि खजाने की बात पूरी तरह मनगढ़ंत है। दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन का कहना है कि पहली शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे मामले में अभी कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
जांच के बाद ही साफ हो पाएगी सच्चाई
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों की जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में इन ऐतिहासिक दीवारों के पीछे कोई बेशकीमती खजाना छुपा था या फिर यह केवल अफवाहों और आपसी मतभेदों से उपजा विवाद है।