21 करोड़ के मालिक हैं नए शिक्षा मंत्री, पर कार नहीं उनके पास
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कर्नाटक से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके पास 21 करोड़ की संपत्ति पर कार नहीं है। प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार संभालने का निर्देश दिया है।2024 के लोकसभा चुनाव हलफनामे के अनुसार, प्रह्लाद जोशी और उनके परिवार की कुल संपत्ति 21.09 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर 8.01 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। परिवार के पास 8.97 करोड़ रुपये की चल और 12.11 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। चल संपत्ति में प्रह्लाद जोशी के नाम 2.72 करोड़, उनकी पत्नी के नाम 5.93 करोड़ और बेटी के नाम 32 लाख रुपये हैं।
इसमें नकद, बैंक जमा, म्यूचुअल फंड, शेयर, पीएफ और आभूषण शामिल हैं। अचल संपत्ति की बात करें तो प्रह्लाद जोशी के नाम 11.24 करोड़ और उनकी पत्नी के नाम 86.39 लाख रुपये की संपत्ति है, जिसमें हुबली और बेंगलुरु में आवासीय-व्यावसायिक भूमि व मकान शामिल हैं। 27 नवंबर 1962 को जन्मे प्रह्लाद जोशी ने अपनी स्कूली शिक्षा हुबली से पूरी की और 1983 में कर्नाटक विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2004 में धारवाड़ लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार संसद में कदम रखा था। वे लगातार पांच बार इस सीट से सांसद चुने जा चुके हैं और राज्य में भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी पत्नी का नाम ज्योति जोशी और बेटी का नाम अनन्या जोशी है। हलफनामे के अनुसार, प्रह्लाद जोशी के पास अपनी कोई निजी कार या बाइक नहीं है। उनके पास 1 लाख रुपये की नकद राशि तथा विभिन्न बैंकों में खाते हैं। उन्होंने निजी कंपनियों में शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश किया है। इसके अलावा, उन्होंने कुछ व्यक्तियों को व्यक्तिगत ऋण भी दिया हुआ है और उनके नाम पर कोई विवादित देनदारी नहीं है। अब एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता के रूप में उन पर शिक्षा मंत्रालय की व्यवस्था को सुचारू बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।