US Tariff के खिलाफ भारत की बड़ी कार्रवाई, WTO पहुंचा Quartz Surface मामला
व्यापार मोर्चे पर भारत और अमेरिका के बीच तनातनी एक बार फिर बढ़ गई है। वॉशिंगटन द्वारा क्वार्ट्ज सरफेस उत्पादों (Quartz Surface Products) के आयात पर 50% तक टैरिफ-रेट कोटा लगाए जाने के बाद, भारत ने अमेरिका को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में आधिकारिक रूप से चुनौती दी है। भारत ने डब्ल्यूटीओ के सेफगार्ड एग्रीमेंट के तहत अमेरिका के साथ औपचारिक परामर्श की मांग की है और इस मुद्दे पर ऑनलाइन बैठक करने का प्रस्ताव भी दिया है।
क्या हैं क्वार्ट्ज सरफेस उत्पाद?
क्वार्ट्ज सरफेस उत्पादों को 'इंजीनियर स्टोन' (Engineered Stone) भी कहा जाता है। ये मानव निर्मित प्रीमियम स्लैब और टाइल्स होते हैं, जिन्हें एक विशेष कंपोजिशन के साथ फैक्ट्री में तैयार किया जाता है। भारत बड़े पैमाने पर अमेरिका को क्वार्ट्ज स्टोन, स्टोन स्लैब व टाइल्स का निर्यात करता है।
भारतीय निर्यातकों की चिंता और प्रभाव
अमेरिका द्वारा इन उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने से भारतीय निर्यातक काफी चिंतित हैं। भारत ने डब्ल्यूटीओ से स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में उसका ‘पर्याप्त और सीधा हित’ जुड़ा हुआ है।
अमेरिका के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका को क्वार्ट्ज सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में भारत, वियतनाम, स्पेन और थाईलैंड शीर्ष पर हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने अमेरिका को लगभग 380 मिलियन डॉलर (यानी करीब 3,100 करोड़ रुपये) मूल्य के क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स का निर्यात किया था, जिस पर अब अमेरिकी फैसले का बड़ा असर पड़ सकता है।