कलेक्टर का सख्त कदम, जूनियर असिस्टेंट सेवा से बाहर
उदयपुर। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने लंबे समय तक बिना सूचना अनुपस्थित रहने और राजकीय कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में तत्कालीन कनिष्ठ सहायक अल्पेश लट्ठा को राजकीय सेवा से निष्कासित करने के आदेश जारी किए हैं। अल्पेश लट्ठा सराड़ा तहसील कार्यालय में कार्यरत थे। जारी आदेश के अनुसार कनिष्ठ सहायक अल्पेश लट्ठा बिना किसी सूचना या स्वीकृत अवकाश के दो चरणों में करीब 596 दिनों तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। पहले चरण में वे 21 जनवरी 2021 से 3 अक्टूबर 2021 तक अनुपस्थित रहे, जबकि दूसरे चरण में 4 फरवरी 2022 से 14 फरवरी 2022 के बाद लगातार ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए।
विभाग की ओर से जारी नोटिस और आरोप पत्र के जवाब में कर्मचारी ने अपनी माता की बीमारी और स्वयं के माइग्रेन से पीड़ित होने का हवाला दिया था। हालांकि जांच अधिकारी, उपखंड अधिकारी खेरवाड़ा की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी ने बीमारी से संबंधित कोई ठोस मेडिकल दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कार्मिक अपनी पहली नियुक्ति वर्ष 2013 से ही मनमाने तरीके से अनुपस्थित रहने का आदी रहा है। परिवीक्षा काल के दौरान भी वह विभिन्न अवसरों पर कुल 1029 दिनों तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहा था। इस मामले में पहले भी उसके खिलाफ सीसीए नियम-16 के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी। जिला कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि कार्मिक का यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे में उसे राजकीय सेवा से निष्कासित किया जाता है। साथ ही अनुपस्थिति अवधि के लिए किसी भी प्रकार का वेतन या भत्ता देय नहीं होगा।