पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू, आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू
जयपुर: राजस्थान में बहुप्रतीक्षित पंचायत चुनावों की प्रशासनिक तैयारियों ने अब गति पकड़ ली है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के तहत प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की लॉटरी निकालने की शक्तियां प्रदान कर दी गई हैं। इस प्रशासनिक निर्णय के साथ ही सितंबर से नवंबर के मध्य प्रस्तावित चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ हो गई है। राज्य भर की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में यह चुनाव आयोजित किए जाने हैं, जिनकी अंतिम समय-सारणी आरक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित की जाएगी।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद जारी होगी आरक्षण लॉटरी
राज्य सरकार की मंशा के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा आगामी 5 अगस्त तक अपनी संस्तुतियां प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त होते ही पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में सरपंच, उपसरपंच, प्रधान तथा विभिन्न वार्डों के लिए आरक्षण का निर्धारण लॉटरी पद्धति द्वारा शुरू कर दिया जाएगा।
शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में संपन्न होगी प्रक्रिया
विभाग द्वारा तय किए गए निर्देशों के अनुसार, जिला परिषद वार्डों और प्रधान पदों के आरक्षण से जुड़ी संपूर्ण लॉटरी प्रक्रिया जिला मुख्यालयों पर संबंधित जिला कलेक्टरों की सीधी देखरेख में संपन्न की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, पंचायत समिति सदस्यों, ग्राम पंचायत वार्डों, सरपंचों तथा उपसरपंचों के लिए आरक्षण निर्धारण का कार्य उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
न्यायालय के आदेशों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया में तेजी
पंचायत चुनावों की तैयारियों में आए इस मोड़ को राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए समयबद्ध निर्देशों से जोड़कर देखा जा रहा है। उच्च न्यायालय ने पूर्व में ही चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने का आदेश दिया था, जिसके चलते अब आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होते ही चुनावी तिथियों की घोषणा का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो जाएगा।