नशे के कारोबार पर राज्यपाल का बड़ा संदेश, कहा- ऊपर-ऊपर की कार्रवाई से नहीं चलेगा काम
दौसा:राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ केवल सतही या दिखावे की कार्रवाई न की जाए, बल्कि इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुँचकर इसका पूरी तरह से सफाया किया जाए।
टीबी उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
बैठक के दौरान राज्यपाल ने सबसे पहले जिले में टीबी (तपेदिक) संक्रमण की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक टीबी रोगी का समयबद्ध और संपूर्ण उपचार हो। इस दौरान यह भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाए कि कोई भी गंभीर मरीज इलाज से वंचित न रहे और ‘टीबी मुक्त दौसा’ के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
युवाओं और सरकारी विभागों में जागरूकता अभियान
राज्यपाल ने इस बात पर बल दिया कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सभी सरकारी विभागों से आग्रह किया कि वे अपने कर्मचारियों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को नशे के घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उनके मन में इसके प्रति घृणा की भावना उत्पन्न करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
शिक्षा विभाग की समीक्षा और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन
बैठक के अंतिम चरण में राज्यपाल ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से शिक्षक-छात्र अनुपात तथा रिक्त पदों की पूरी जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सदैव ‘मैं शिक्षक हूँ’ के सेवाभाव के साथ कार्य करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी बच्चा स्कूल ड्रॉपआउट न बने और जिले से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का चयन NEET तथा JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा, पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, एडीएम अरविंद शर्मा और जिला परिषद के सीईओ बिरदी चंद गंगवाल सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।