जयपुर । विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज क्रमोन्नत स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा उठा इन दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए. सत्ता पक्ष ने पूर्ववर्ती सरकार के समय क्रमोन्नत विद्यालयों में एक भी पद नहीं भरने का आरोप लगाया तो विपक्ष ने कहा कि आपने घोषणा पत्र में सभी स्कूलों के रिक्त पदों को भरने का वादा किया था. एक साल बाद अब उस वादे का क्या हुआ? इसके साथ ही प्रश्नकाल में अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की बकाया छात्रवृत्ति, प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में टाउन प्लानिंग, पालनहार योजना के लाभार्थियों सहित कई मुद्दों पर सदन में सरकार के मंत्री घिरे दिखे।
विधायक गणेश घोगरा ने पूछा कि वर्ष 2019 से दिसम्बर 2024 के बीच जो स्कूल क्रमोन्नत हुए हैं, वहां के व्याख्याताओं के पद कब तक भरे जाएंगे? इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि 2022-23 में 3822 माध्यमिक विद्यालय से उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नत किया गया, लेकिन एक भी पद स्वीकृत उसे समय की कांग्रेस सरकार ने स्वीकृत नहीं किया इसी प्रकार से 2023-24 में 672 उच्च प्राथमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नत किए गए, उसमें भी एक भी पद स्वीकृत नहीं किया गया यह हाल था पहले वाली सरकार का, जिसके कारण से राजस्थान के छात्र-छात्राएं पढ़ाई से वंचित रह रहे हैं. दिलावर ने कहा कि कांग्रेस सरकार अगर पद स्वीकृत कर देती तो यह स्थिति नहीं होती। दिलावर ने कहा कि हमारी सरकार 50 प्रतिशत पदोन्नति और 50 फीसदी सीधी भर्ती से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर रही है. अधिक से अधिक पदों को भरने की कोशिश की जा रही है शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह बहुत गंभीर बात है आदिवासी क्षेत्र में भी व्याख्याता नहीं दिए, वहां विद्यालय क्रमोन्नत कर दिए. जनजाति के बच्चों को भी कांग्रेस सरकार ने नहीं बख्शा, उन्हें अनपढ़ रखने का षड्यंत्र रचा. इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बीजेपी के घोषणा पत्र में एक साल में शिक्षा विभाग के सभी पदों को भरने की घोषणा की थी, उस वादे का क्या हुआ ? शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग में रिक्त पदों की भरने की शुरू कर दी है. अब तक 22 हजार पदों को भरा जा चुका है। कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने पालनहार योजना के लाभार्थियों को लेकर सवाल किया कि इसी योजना के तहत वर्तमान में कितने बच्चे लाभान्वित हो रहे ? इस पर मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि पालनहार योजना में 40 करोड़ रुपए बकाया की बात सही है. पालनहार योजना के लिए हर साल 50 से 60 हजारा बच्चे रजिस्ट्रेशन करवाते हैं. उसके बाद वेरीफाई किया जाता है. यह जो पैसा अटका है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बैंकों के मर्जर की है. बैंकों के मर्जर के चलते कई बार खाता वेरीफाई करने में दिक्कत हुई, लेकिन 40 करोड़ का बकाया जल्द ही लाभार्थियों को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।