खाकी का बढ़ा मान: हेड कांस्टेबल के बेटे ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा में मारी बाजी।
जैसलमेर | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा शनिवार को घोषित RAS परीक्षा-2024 के नतीजों ने जैसलमेर जिले के एक छोटे से गांव रामपुरिया की किस्मत बदल दी है। पोकरण विधानसभा क्षेत्र के इस गांव के प्रतिभावान युवा वीरेंद्र चारण ने समूचे राजस्थान में रैंक-2 हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद सीमावर्ती जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
खाकी की अनुशासन और बेटे का जुनून
वीरेंद्र की इस शानदार जीत के पीछे उनके पिता जेठदान चारण का कड़ा अनुशासन और मार्गदर्शन रहा है, जो जैसलमेर पुलिस में बतौर हेड कांस्टेबल तैनात हैं। एक पुलिसकर्मी के घर में पले-बढ़े वीरेंद्र ने बचपन से ही प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करने का लक्ष्य तय कर लिया था। घर की जिम्मेदारियों और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया।
रुकना मना है: तहसीलदार से टॉप-2 तक का सफर
वीरेंद्र की सफलता की कहानी निरंतरता की मिसाल है। गौरतलब है कि पिछली परीक्षा में भी उनका चयन तहसीलदार के पद पर हुआ था। वर्तमान में वह अपना प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) ले रहे हैं, लेकिन उनकी आंखों में बड़े सपने थे। प्रशिक्षण के व्यस्त समय के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी को धार दी और इस बार प्रदेश के शीर्ष दो उम्मीदवारों में अपनी जगह पक्की कर ली।
रामपुरिया में दिवाली जैसा माहौल
वीरेंद्र की उपलब्धि की खबर मिलते ही पोकरण और रामपुरिया गांव में जश्न का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीरेंद्र ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुख-सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। उनकी यह जीत रेगिस्तानी इलाके के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो छोटे गांवों से बड़े सपने देखते हैं।