मिलावटी घी का बड़ा खुलासा, लोगों की सेहत से हो रहा था खेल
पाली। जिले के सुमेरपुर कस्बे के संजय नगर क्षेत्र में मिलावटी घी बनाने और नामी ब्रांड के नाम से बाजार में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए करीब 8 घंटे की सघन जांच के बाद भारी मात्रा में नकली घी, पैकिंग सामग्री और मशीनरी जब्त की।
हानिकारक रसायनों मिलाकर तैयार हो रहा था घी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि संजय नगर स्थित एक गोदाम में पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों को मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इसे सरस, अमूल, नोवा, कृष्णा और बनास जैसे प्रसिद्ध ब्रांडों के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से गोदाम पर दबिश दी। जांच के दौरान वहां से 15 किलोग्राम क्षमता के करीब 150 टीन नकली घी बरामद किए गए। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के नाम से तैयार किए गए टेट्रा पैक में लगभग 260 किलोग्राम घी भी मौके से जब्त किया गया।
ब्रांडेड कंपनियों के लेबल मिले
कार्रवाई के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और ब्रांडेड कंपनियों के लेबल भी मिले। साथ ही एक पैकिंग मशीन भी बरामद की गई, जिसका उपयोग नकली घी को पैक करने में किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत टीम ने घी के छह नमूने जांच के लिए लिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पाम ऑयल में अन्य रसायन मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था। पुलिस की पूछताछ में इस अवैध कारोबार से जुड़े रूपसिंह जाखोड़ा का नाम सामने आया है।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया
मौके पर नकली घी की पैकिंग करते हुए पर्वतसिंह और खुशाल सुथार सहित एक अन्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं संबंधित विभाग की ओर से ट्रेडमार्क के दुरुपयोग के मामले में सुमेरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से करीब 8 घंटे तक लगातार कार्रवाई कर इस अवैध कारोबार का खुलासा किया। जब्त किए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ ने आमजन से अपील की है कि वे बिना बिल या संदिग्ध खाद्य सामग्री खरीदने से बचें और किसी भी प्रकार की मिलावट की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।