नेशनल जू में सुरक्षा उपाय सख्त, बायोसेफ्टी प्रोटोकॉल लागू
H5N1 वायरस क्या है और क्यों है खतरनाक?
New Delhi : दिल्ली के नेशनल जू से गंभीर खबर आई है। वॉटर बर्ड एवियरी में दो पेंटेड स्टॉर्क मृत पाए गए, जिनकी जांच में H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (बर्ड फ्लू) पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर चिड़ियाघर को 30 अगस्त 2025 से अगले आदेश तक आम जनता के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
भोपाल लैब से आई रिपोर्ट
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक संजीत कुमार ने बताया कि मृत पक्षियों के नमूने 27 अगस्त को भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट 28 अगस्त को आई, जिसमें दोनों नमूने H5N1 वायरस पॉजिटिव पाए गए।
सख्त सुरक्षा कदम उठाए गए
रिपोर्ट के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने संक्रमण को अन्य जानवरों और कर्मचारियों तक फैलने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए। सभी एरिया में गहन निगरानी रखी जा रही है और बायोसेफ्टी प्रोटोकॉल को और मजबूत किया गया है। स्टाफ को सुरक्षा किट का इस्तेमाल करने और पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
आम जनता की एंट्री पर रोक
जन स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को 30 अगस्त से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम लोगों और जानवरों दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
H5N1 वायरस क्या है?
H5N1 एक खतरनाक एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है। हालांकि कभी-कभी यह इंसानों में भी फैल सकता है और गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। यही कारण है कि किसी पक्षी में संक्रमण की पुष्टि होते ही तुरंत अलर्ट जारी कर दिया जाता है।
चिड़ियाघर प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।