दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। शुक्रवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 403 दर्ज किया गया है, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। यह स्थिति न केवल दिल्ली के निवासियों के लिए, बल्कि विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए अत्यंत हानिकारक है।

आनंद विहार के अलावा, शहर के अन्य प्रमुख इलाकों में भी वायु गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। आईटीओ क्षेत्र में AQI 316 दर्ज किया गया। वहीं इंडिया गेट और उसके आसपास के इलाकों में AQI 254, धौला कुआं में 257 दर्ज किया गया। 

दिल्ली के इन इलाकों में प्रदूषण का स्तर

आनंद विहार- 403.

आईटीओ- 316.

इंडिया गेट- 254.

धौला कुआं- 257.

27 अक्तूबर तक दिल्ली हवा रहेगी खराब

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या भी हो सकती है। बृहस्पतिवार को अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 2650 मीटर रही। वेंटिलेशन इंडेक्स 14500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। सीपीसीबी के अनुसार, बीते 24 घंटे में हवा की गति में इजाफा हुआ है। ऐसे में बृहस्पतिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा रही। 

सोमवार से दिल्ली में बदल सकता है मौसम का मिजाज

मौसम विभाग की मानें तो 27 अक्तूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। अब दिल्ली-एनसीआर पर इस पश्चिमी विक्षोभ का क्या असर होगा इस बारे में अपडेट नहीं मिल पाया है। हालांकि उससे पहले 26 अक्तूबर को दिल्ली में बेहद हल्के बादलों की मौजूदगी देखी जा सकती है। इस हफ्ते बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में उम्मीद 27 अक्तूबर से आने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ से है।

NCR में प्रदूषण का स्तर

वहीं अगर दिल्ली के अलावा एनसीआर के शहरों की बात करें तो यहां पर वायु गुणवत्ता ज्यादा खराब नहीं है। लेकिन राहत वाली भी नहीं है। आज शुक्रवार को गाजियाबाद के संजय नगर में 208, वहीं नोएडा सेक्टर एक में 170 और सेक्टर 125 में 175 AQI पहुंच गया है। नोएडा रेड से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। बीते दिन प्रदूषण का AQI 300 से कम हुआ। वहीं ग्रेटर नोएडा में AQI 180 दर्ज किया गया है। फरीदाबाद का AQI सुबह 7 बजे 200 के करीब रहा। एनआईटी में 230, सेक्टर 30 में 166, बल्लभगढ़ में 109 AQI दर्ज किया गया है। फरीदाबाद क्षेत्र में स्थित सेक्टर - 11 और सेक्टर 16 ए की एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन प्रदूषण का डेटा नहीं दिखा रही है।

हवा से वायु प्रदूषण में हुआ सुधार, रेड जोन से बाहर आए नोएडा व ग्रेनो

गोवर्धन पूजा के अगले दिन ग्रेटर नोएडा और नोएडा के वायु प्रदूषण में काफी सुधार हुआ है। दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर रेड जोन से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। नोएडा का AQI 276 और ग्रेनो का 280 रहा। हालांकि ग्रेनो एनसीआर का दूसरा और नोएडा तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं पिछले साल गोवर्धन पूजा के अगले दिन के मुकाबले इस बार नोएडा का AQI कम और ग्रेनो का अधिक रहा है। यूपीपीसीबी के अफसरों का मानना है कि हवा और तापमान बढ़ने से AQI कम हुआ है।

बुधवार को नोएडा का AQI 330 और ग्रेनो का AQI 308 रेड जोन में रहा था। गोवर्धन पूजा के अगले दिन वायु प्रदूषण में वृद्धि होने की उम्मीद थी। लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा कुछ नहीं हुआ। दोनों शहरों के वायु प्रदूषण में सुधार देखने को मिला। जबकि पिछले साल गोवर्धन पूजा से अगले दिन नोएडा का AQI 313 और ग्रेनो का AQI 248 रहा था। वहीं माना जा रहा है कि इस बार दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का फासला रहा है। इसका असर वायु प्रदूषण पर भी देखने को मिला है। वहीं यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि बृहस्पतिवार को तापमान अधिक रहा है और हवा भी चली है। नमी कम होने के कारण वायु प्रदूषण हवा के साथ आगे चला गया।

दो साल से बेहतर है ग्रेनो की हवा

गोवर्धन पूजा के अगले दिन वायु प्रदूषण बढ़ने की उम्मीद होती है। वर्ष 2021 से 23 तक AQI रेड जोन में भी रहा, लेकिन पिछले दो साल से ग्रेटर नोएडा की हवा काफी बेहतर रही है। ग्रेनो का AQI ऑरेंज जोन में 300 से नीचे रहा है। हालांकि 5 साल में नोएडा का AQI पहली बार गोवर्धन पूजा के अगले दिन ऑरेंज जोन में 300 से नीचे रहा है।