निवेशकों को झटका: सोना-चांदी दोनों में बड़ी गिरावट
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोमवार को एमसीक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 20400 रुपये गिरकर 2.06 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 9759 रुपये गिरकर 1.34 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में बीते एक हफ्ते में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले 40 वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। कीमतें 5,200 डॉलर से गिरकर 4,354 डॉलर प्रति औंस तक आ गई हैं। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के दबाव में दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली देखी गई। कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 3% गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले सप्ताह सोना लगभग 11% टूट चुका है, जो 1983 के बाद इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। वहीं, एशियाई कारोबार के दौरान चांदी की कीमत भी करीब 3% गिरकर 67.5 डॉलर प्रति औंस तक आ गई।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है। चूंकि सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है, ऐसे माहौल में इसकी मांग घटती है और कीमतों पर दबाव आता है। इसके अलावा, डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती भी सोने-चांदी के लिए नकारात्मक साबित हो रही है। मजबूत डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।
पश्चिम एशिया तनाव ने बढ़ाई अनिश्चितता
तेल बाजार में उतार-चढ़ाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दो दिन के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमले हो सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने चेताया कि अगर उसके ठिकानों पर हमला हुआ तो वह इस अहम समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद कर सकता है और ऊर्जा, आईटी तथा जल आपूर्ति ढांचे को निशाना बना सकता है।
सैन्य गतिविधियों से बाजार में घबराहट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका पश्चिम एशिया में हजारों अतिरिक्त मरीन और नौसैनिक भेज रहा है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता और जोखिम बढ़ा हुआ है। ऐसे में निवेशकों का रुझान सुरक्षित लेकिन यील्ड देने वाले विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिससे सोना और चांदी दबाव में बने रह सकते हैं।