टेंडर में देरी या रणनीति? बार-बार विस्तार से बढ़ा शक
मुख्य सचिव को भेजे अभ्यावेदन में सोम डिस्टिलरीज को संभावित लाभ पहुंचाने की आशंका जताई गई, उच्च स्तरीय जांच की मांग
भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देसी शराब आपूर्ति के टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। टेंडर की तारीख बार-बार बढ़ाए जाने पर गंभीर सवाल उठाते हुए ब्राइट जर्नलिस्ट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया ने मुख्य सचिव को अभ्यावेदन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।अभ्यावेदन के अनुसार, आबकारी विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया को पहले 13 मार्च 2026 को शुरू किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देकर इसे स्थगित कर 23 मार्च 2026 कर दिया गया। अब एक बार फिर टेंडर की तारीख आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भदौरिया ने अपने आवेदन में विशेष रूप से सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का उल्लेख करते हुए कहा है कि कंपनी का लाइसेंस गंभीर आरोपों के चलते निलंबित/रद्द किया जा चुका है और मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में यदि टेंडर 23 मार्च को ही होता है, तो कंपनी इसमें भाग लेने के लिए पात्र नहीं होगी।

हालांकि, उन्होंने आशंका जताई कि यदि टेंडर को फिर आगे बढ़ाया जाता है और इस बीच कंपनी को न्यायालय से अंतरिम राहत मिल जाती है, तो उसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिल सकता है, जिससे उसे सीधे तौर पर लाभ होगा। आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार बार-बार तारीख बढ़ाना किसी विशेष संस्था को फायदा पहुंचाने की मंशा को दर्शाता है, जो सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया के मूल सिद्धांत—पारदर्शिता और समान अवसर—के विपरीत है।

टेंडर स्थगन के कारणों की उच्च स्तरीय जांच
समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश
मनमाने ढंग से तारीख बढ़ाने पर रोक
आबकारी विभाग को निष्पक्षता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश